Tuesday, June 23, 2026
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जालौन:- 10 साल की शादी के बाद महिला की संदिग्ध मौत, भाई ने पति समेत चार ससुरालियों पर हत्या का लगाया आरोप

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जालौन के रेंढर थाना क्षेत्र के जुगराजपुरा गांव में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका के चचेरे भाई ने एसपी विनय कुमार सिंह को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी बहन ने आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। शिकायत में पति, जेठ और जिठानी समेत चार लोगों पर प्रताड़ना, मारपीट और हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में हमीरपुर जनपद के राठ थाना क्षेत्र के ग्राम अमगांव निवासी सुरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि उसकी चचेरी बहन चन्द्रवती का विवाह करीब 10 वर्ष पूर्व जालौन के रेंढर थाना क्षेत्र के ग्राम जुगराजपुरा निवासी लालसिंह के साथ हुआ था। चन्द्रवती अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी।

शिकायत के अनुसार, विवाह के शुरुआती दो वर्षों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन संतान न होने पर पति लालसिंह, जेठ नरेश और जिठानी कमलेशी सहित परिवार के अन्य लोग उसे लगातार बांझ कहकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। जब चन्द्रवती इलाज कराने की बात करती थी तो उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि ससुरालीजन चन्द्रवती पर अपने मायके की 20 बीघा कृषि भूमि उनके नाम कराने का दबाव बना रहे थे। ऐसा न करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, मार्च 2026 में चन्द्रवती मायके आई थी, तब उसने बताया था कि उसके ससुरालीजन उसकी हत्या कर पति की दूसरी शादी कराने की योजना बना रहे हैं।

आरोप लगाते हुए बताया कि 13 जून 2026 को चन्द्रवती ने अपने माता-पिता से फोन पर बातचीत के दौरान भी अपनी जान को खतरा बताया था। इसके अगले दिन 14 जून की शाम पति लालसिंह ने परिजनों को सूचना दी कि चन्द्रवती ने आत्महत्या कर ली है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें घटना स्थल की जानकारी भी नहीं दी गई। बाद में 15 जून को मेडिकल कॉलेज उरई के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने पर उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने रेंढर थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय घटना स्थल की जानकारी मांगी और रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप कर मुकदमा दर्ज कराने और निष्पक्ष विवेचना कराने की मांग की है।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं जिससे सत्यता सामने आ सके।

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