जालौन में न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायालय के जिला न्यायाधीश विरजेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिभा तथा जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने जिला कारागार का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार की सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार की विभिन्न बैरकों, अस्पताल, पुस्तकालय, रसोईघर, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और सुरक्षा प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की गई। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार और शासन के मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कारागार अस्पताल में भर्ती बंदियों के उपचार की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने दवाओं की उपलब्धता, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। वहीं पुस्तकालय का निरीक्षण कर बंदियों के बौद्धिक एवं नैतिक विकास के लिए उपलब्ध पुस्तकों तथा अध्ययन सुविधाओं की जानकारी ली गई और शिक्षा एवं कौशल विकास संबंधी गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
निरीक्षण के दौरान रसोईघर में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता मानकों, खाद्य सामग्री के भंडारण और भोजन वितरण व्यवस्था की भी जांच की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा रसोईघर में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के मानकों का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर जिला न्यायाधीश विरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कारागार केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि बंदियों के संवैधानिक एवं मानवाधिकारों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
साथ ही उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, विधिक सहायता और कौशल विकास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि कारागार की सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और अन्य व्यवस्थाओं का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
वहीं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कारागार की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रखी जाए।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कारागार प्रशासन को बंदियों के अधिकारों की रक्षा, बेहतर सुविधाओं की उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के निर्देश दिए।







