जालौन जिले में मंगलवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला बुधवार सुबह तक जारी रहा। पिछले 15 घंटे से अधिक समय से लगातार हो रही बारिश के चलते जनपद में अब तक करीब 90 एमएम से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। रातभर हुई तेज बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई स्थानों पर जलभराव हो गया। सड़कों और गलियों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक ही जिले में 71 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद भी बारिश का दौर जारी रहने से बारिश का आंकड़ा 90 एमएम के पार पहुंच गया। लगातार बारिश के कारण मौसम में ठंडक घुल गई और तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
खेतों में भरा पानी, तिल की फसल को नुकसान की आशंका
लगातार बारिश का सबसे अधिक असर किसानों पर दिखाई दे रहा है। धान की फसल के लिए खेतों में पर्याप्त पानी होने के बावजूद लगातार तेज बारिश से कई खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। वहीं तिल की फसल बोने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने से तिल की फसल खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो जलभराव के कारण फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और गंभीर बनी हुई है।
अगले तीन घंटे रेड अलर्ट, वज्रपात की भी चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे के लिए जनपद में रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस दौरान तेज बारिश के साथ वज्रपात की भी आशंका बनी हुई है। अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने जनपदवासियों से कहा है कि लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और केवल बेहद जरूरी होने पर ही बाहर जाएं। उन्होंने बारिश और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है।
लगातार बारिश से जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं किसानों की फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पिछले 12 घंटे में जालौन में बारिश
उरई मुख्यालय 71MM
कोंच तहसील 89 MM






