जालौन में बुधवार शाम से लापता BA की एक छात्रा का सड़क किनारे शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। छात्रा बीते 2 वर्ष से फूफा के यहां रहकर पढ़ाई कर रही थी। शव मिलने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची जिन्होंने मामले की जांच करते हुए छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वही आशंका जताई जा रही है कि छात्रा की रेप के बाद बेरहमी से हत्या की गई हो।
घटना एट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोंच-एट स्थित ग्राम अमीटा जाने वाले लिंक रोड की की है। बताया गया है कि रूरा अड्डु के रहने वाले की भगत सिंह चौहान की 19 वर्षीय पुत्री खुशी ग्राम अमीटा के रहने वाले अपने फूफा ज्ञानेंद्र सिंह के यहां पिछले 2 साल से रहकर पढ़ाई कर रही थी। वह BA प्रथम वर्ष की छात्रा थी, बुधवार को खुशी आटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नसीरपुर पेपर देने के लिए गई थी, लेकिन शाम तक वह घर बापिस नहीं लौटी, जिस पर उसकी परिजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन छात्रा का कहीं भी पता न चलने पर इसके बारे में पुलिस को अवगत कराया। छात्रा के अचानक लापता होने पर पुलिस ने उसकी खोजबीन शुरू की, मगर रात तक कोई भी सुराग नहीं लगा। गुरुवार सुबह जब ग्राम अमीटा के ग्रामीण खेत पर जा रहे थे, जैसे ही वह कोंच-एट को जोड़ने वाले अमीटा लिंक रोड पर पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क किनारे झाड़ियां में लड़की का शव देखा वह दहशत में आ गए, तत्काल उन्होंने ग्रामीणों के साथ पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने लड़की की पहचान खुशी के रूप में की। वही जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई, साथ ही फॉरेसिंक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाने के बाद छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वही परिजनों ने बताया कि छात्रा ने शाम के वक्त एट से फोन किया था कि वह समोसे लेकर घर आ रही है, लेकिन उसके बाद अचानक गायब हो गई। वही आशंका जाहिर की जा रही है कि कहीं छात्रा की हत्या करने से पहले उसके साथ रेप तो नहीं किया गया।
इस मामले में एट कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विमलेश कुमार ने बताया कि छात्रा शाम को एट कस्बे में दिखाई दी, साथ ही फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, साथ ही छात्रा के फोन की भी मदद ली जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।