शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जालौन एवं उत्तर प्रदेशीय सेवानिवृत्त शिक्षक कल्याण परिषद के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को उरई के कोच रोड स्थित श्रीराम पैलेस में सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह एवं शैक्षिक उन्नयन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं, सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने सहभागिता की। समारोह के दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित कर शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे सेवाकाल और योगदान को नमन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के पूर्व प्रदेशीय अध्यक्ष एवं शिक्षक जगत के पुरोधा अभिमन्यु प्रसाद तिवारी ने की, जबकि संचालन वेतन भोगी सहकारी समिति के सचिव एवं ब्लॉक अध्यक्ष महेना प्रताप भानु ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं पूर्व उपराष्ट्रपति तथा महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
बुनियादी शिक्षा में गुरुजनों की भूमिका महत्वपूर्ण : एसपी
समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में हमारे गुरुजनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें सही दिशा देने में शिक्षक का योगदान सबसे अहम होता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का कार्य नहीं करते, बल्कि बच्चों के अंदर संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। यही बच्चे आगे चलकर समाज और देश के निर्माण में अपनी भूमिका निभाते हैं।

प्राथमिक शिक्षक ही देश की नींव तैयार करते हैं : डीएम
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षक देश के भविष्य की नींव तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। शिक्षक ही बच्चों के भविष्य के निर्माता हैं। बच्चे जिस दिशा में आगे बढ़ेंगे, उसमें उनके प्रारंभिक शिक्षकों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी।
उन्होंने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षक स्वयं भी आधुनिक तकनीक से जुड़ें और बच्चों को भी डिजिटल इंडिया से जोड़ने का प्रयास करें। बदलते दौर में तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में शिक्षकों को नई तकनीकों और डिजिटल संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग करते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करनी चाहिए।
डीएम ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। विद्यालय की सेवा से भले ही वह मुक्त हो जाए, लेकिन समाज को शिक्षा और अनुभव देने की उसकी भूमिका हमेशा बनी रहती है।
शिक्षकों के संघर्ष का परिणाम है सम्मानजनक वेतन : गिरेन्द्र सिंह कुशवाहा
माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष गिरेन्द्र सिंह कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि आज शिक्षक समाज के बीच शिक्षक जगत के पुरोधा अभिमन्यु प्रसाद तिवारी का उपस्थित होना सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हितों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया गया है और पंचम वेतनमान भी उन संघर्षों का महत्वपूर्ण परिणाम रहा है। आज शिक्षक जिस सम्मानजनक वेतन व्यवस्था का लाभ प्राप्त कर रहे हैं, उसके पीछे शिक्षक नेताओं और संगठनों के लंबे संघर्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि इन शिक्षकों ने अपने सेवाकाल में कई पीढ़ियों को शिक्षित और संस्कारित किया है। उनके अनुभव से वर्तमान पीढ़ी के शिक्षकों को भी सीख लेने की आवश्यकता है।
प्रदेश स्तर पर भी शिक्षकों का सम्मान होना चाहिए : विधायक
कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान केवल शिक्षक दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रदेश स्तर पर भी शिक्षकों के योगदान को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जालौन जनपद के शिक्षकों ने निपुण भारत मिशन सहित शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं को सफल बनाने में बढ़-चढ़कर योगदान दिया है।
विधायक ने समारोह में उपस्थित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए सभी गुरुजनों का अभिवादन किया और कहा कि समाज में शिक्षक का स्थान हमेशा सम्माननीय रहा है। शिक्षक बच्चों को केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि उन्हें संस्कार और जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करते हैं।
शिक्षकों का दायित्व समाज में सबसे अधिक : अपर शिक्षा निदेशक
अपर शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि शिक्षकों का दायित्व समाज में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से अब विद्यालयों में पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में शिक्षकों को अपने दायित्वों के प्रति और अधिक सजग एवं जिम्मेदार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय नई तकनीक का युग है। शिक्षकों को तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा और आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने शिक्षकों से शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करने का आह्वान किया।

शिक्षकों की एकजुटता पर दिया जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गोरखपुर से पधारे शिक्षक जगत के पुरोधा अभिमन्यु प्रसाद तिवारी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में शिक्षकों से एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को छोटे-छोटे व्यक्तिगत लाभों के कारण आपस में विभाजित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन की मजबूती शिक्षकों की एकता पर निर्भर करती है। इसलिए सभी शिक्षकों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर अपने हितों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यापक मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।

सैकड़ों शिक्षकों ने किया प्रतिभाग
कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय सचिव, प्रदेशीय कोषाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष ने समारोह में आए सभी शिक्षकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा संगठन की एकजुटता बनाए रखने की अपील की। संगठन के पूर्व मंडलीय मंत्री रामराजा देवड़ी ने जनपद के कोने-कोने से आए सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अन्य शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
समारोह में संगठन के संरक्षक गौतम त्रिपाठी, जिला मंत्री आलोक श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान, जिला मंत्री आफताब आलम, जिला कोषाध्यक्ष राघवेंद्र श्रीवास्तव, वेतन भोगी सहकारी समिति के सभापति सुनील निरंजन, जिला उपाध्यक्ष राजकुमार यादव, राममनोहर पटेल, इन्द्रपाल सिंह गुर्जर, आकाश द्विवेदी, लक्ष्मी नारायण निरंजन, अनिल गुप्ता, श्रवण निरंजन, मंत्री संजीव भदौरिया, ब्लॉक अध्यक्ष जालौन नित्यानन्द, मंत्री राकेश निरंजन, नदीगांव के राम अनुग्रह, मंत्री सर्वेश शर्मा, अजय भदौरिया, सुनील आनंद, सुनील पाठक, सौरभ श्रीवास्तव सहित संगठन के तमाम पदाधिकारी एवं सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किए जाने से जहां उनके चेहरे पर खुशी और संतोष दिखाई दिया, वहीं उपस्थित शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा शिक्षक समाज की एकजुटता को मजबूत करने का संकल्प भी लिया।







