लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को लेकर एक बार फिर सख्त रुख के संकेत दिए हैं। गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में हुई बसपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आकाश आनंद को आमंत्रित नहीं किया गया। बैठक के दौरान मायावती ने कहा कि आकाश को अभी राजनीतिक रूप से और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है। ऐसे समय में, जब विधानसभा चुनाव बेहद नजदीक हैं, उन्हें पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी सौंपना उचित नहीं होगा।
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद को अभी विरोधियों के राजनीतिक हथकंडों से निपटने के लिए खुद को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान विरोधी साम, दाम, दंड और भेद जैसी रणनीतियों का इस्तेमाल कर सकते हैं और आकाश फिलहाल इन परिस्थितियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी संस्थापक कांशीराम की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि कांशीराम परिवार और रिश्तेदारों को पार्टी के काम में सहयोग करने की अनुमति देते थे, लेकिन उन्हें चुनाव लड़ाने या सरकार बनने की स्थिति में कोई पद देने के पक्ष में नहीं थे। मायावती ने कहा कि वह भी इसी विचारधारा पर कायम हैं।
उन्होंने कहा कि बसपा का मूल उद्देश्य शोषित और वंचित समाज को सत्ता में भागीदारी दिलाना है। इस लक्ष्य के लिए उनके लिए कोई अपना या पराया नहीं है। जो व्यक्ति बसपा और बहुजन समाज के हित में काम करेगा, उसका पार्टी में स्वागत किया जाएगा।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक में पहली बार आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान आनंद भी पहुंचे। ईशान बसपा का पटका पहने अपनी मां मायावती और पिता आनंद कुमार के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे। मायावती के बैठने तक वह उनके साथ खड़े रहे।
ईशान इससे पहले वर्ष 2024 में मायावती के जन्मदिन के अवसर पर अपने भाई आकाश के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। इसके अलावा बसपा के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे युकेश सिंह भी बैठक में शामिल हुए। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले मायावती ने ईशान और युकेश सिंह को सार्वजनिक रूप से पार्टी की गतिविधियों में आगे बढ़ाया था।
चुनावी तैयारियों में जुटी बसपा
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब तक 30 से अधिक विधानसभा सीटों पर प्रभारी घोषित कर चुकी है। वहीं 50 से अधिक संभावित नामों को शॉर्टलिस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। घोषित किए गए विधानसभा प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क और संगठन विस्तार की गतिविधियां शुरू कर दी हैं। पार्टी का फोकस आगामी चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर है।







