जालौन के एट कस्बे में आयोजित रामलीला कार्यक्रम इन दिनों गंभीर विवादों में घिर गया है। आरोप है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के नाम पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन में आस्था की आड़ लेकर फिल्मी और कथित अश्लील गानों पर नृत्य कराया गया, जिससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इस मामले को लेकर कस्बे में रोष व्याप्त है और लोग प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्जानकारी के अनुसार नगर पंचायत एट की विकास कॉलोनी में स्थित पशु चिकित्सालय की सरकारी भूमि पर रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उक्त भूमि पर बिना अनुमति के पक्का चबूतरा बनाकर रामलीला का मंच तैयार किया गया है। इस अवैध निर्माण को लेकर पूर्व में कुछ सभासदों द्वारा आपत्ति भी दर्ज कराई गई थी, बावजूद इसके आयोजन को नहीं रोका गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रामलीला मंच से “सलामे इश्क मेरी जान” और “महखाने जाना छोड़ दूंगी” जैसे फिल्मी गीतों पर बार बालाओं द्वारा नृत्य कराया गया। लोगों का आरोप है कि वे रामकथा और धार्मिक प्रसंग देखने पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें धार्मिक गरिमा के विपरीत प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की मौजूदगी में इस प्रकार के कार्यक्रम को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है।
मामले को लेकर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि उक्त रामलीला का आयोजन नगर पंचायत एट की चेयरमैन पूनम एवं उनके प्रतिनिधि लालजी निरंजन की देखरेख में कराया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा रहा है कि रामलीला के मंच पर बार वालों की अश्लील ठुमके लगवाए जा रहे हैं।




