जालौन में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दहेज लोभियों की प्रताड़ना से तंग आकर एक विवाहिता ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए फूट-फूटकर रो पड़ी। पीड़िता ने अपने पति पर न केवल मारपीट और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है, बल्कि यह भी बताया कि उसकी अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने पुलिस को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जालौन के गोहन थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की शादी 25 फरवरी 2024 को झांसी के मोंठ कस्बे महावीरनपुरा निवासी राजा भैया पुत्र ओम नारायण से हुई थी। विवाह के कुछ ही दिनों बाद ससुरालियों ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। पीड़िता के अनुसार, शादी समारोह के दौरान ही नंद के पति और अन्य रिश्तेदारों के लिए सोने की जंजीर की मांग की गई थी, जिसे उसके पिता द्वारा पूरा न कर पाने पर ससुराल पक्ष के लोग नाराज़ हो गए। धीरे-धीरे यह नाराजगी उत्पीड़न में बदल गई।
6 अप्रैल 2024 को पीड़िता के साथ मारपीट किए जाने की सूचना उसने अपनी बहन और पिता को दी। बड़ी बहन ने ससुराल पहुंचकर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन 30 मई 2024 को स्थिति फिर बिगड़ गई और ससुराल के लोग मारपीट करने लगे। उसी दिन पीड़िता ने खुद को ऊपर के कमरे में बंद कर लिया। आरोप है कि पति राजा भैया और उसके परिवारवालों ने ऊपर का जाल और कमरे की सुरक्षा जाल काटने का प्रयास किया, जिसका वीडियो पीड़िता ने बनाकर पुलिस को भेजा। पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को थाने ले जाकर सुरक्षित किया, मगर समझौता न होने पर वह मायके लौट आई।
इसके बाद ससुराली जनों ने राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल करते हुए मोंठ थाने में पीड़िता, उसके पिता और रिश्तेदारों पर फर्जी डकैती का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी बीच पीड़िता के मुताबिक, 18 अगस्त 2025 को पति ने चोरी-छिपे वीडियो कॉल के दौरान उसका अश्लील MMS बना लिया और इसे फर्जी फेसबुक आईडी से वायरल कर दिया। जानकारी होते ही पीड़िता ने पुलिस में शिकायत देकर आईडी बंद कराई।
पीड़िता ने महिला आयोग को बताया कि ससुराल में उसका खाना-पीना तक बंद कर दिया गया था और वह गंभीर मानसिक स्थिति से गुजर रही है। उसकी दर्दनाक दास्तां सुनकर आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने मामले को अत्यंत गंभीर माना। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़िता के खिलाफ दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों की समीक्षा की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़िता को तत्काल सुरक्षा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए हैं।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा।




