जालौन में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल एवं प्रभावी आयोजन किया गया, जिसमें न्यायालयों और जिला प्रशासन स्तर पर कुल 2,34,166 मामलों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन शनिवार सुबह 10 बजे माननीय जनपद न्यायाधीश श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर जनपद के सभी न्यायिक अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। जनपद की सभी तहसीलों में स्थित दीवानी न्यायालयों में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित मामलों की विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव/अपर जिला जज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल पवार ने बताया कि माननीय जनपद न्यायाधीश के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित लोक अदालत में जिला जज द्वारा 18 मुकदमों का निस्तारण किया गया, जिसमें 69,19,013 रुपये की धनराशि पक्षकारों को दिलाई गई। कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री मनोज कुमार सिंह गौतम द्वारा 31 मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें भरण-पोषण से संबंधित प्रकरण शामिल थे, साथ ही 5 वैवाहिक प्रकरण प्री-लिटिगेशन स्तर पर निपटाए गए। अपर कुटुंब न्यायाधीश श्री प्रवीण कुमार पाण्डेय ने 55 मामलों का निस्तारण किया, जिनमें 3 वैवाहिक मामले प्री-लिटिगेशन स्तर के थे।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री अनिल कुमार वशिष्ठ द्वारा 70 मामलों में बीमा कंपनियों से पीड़ित याचियों को 39 लाख 30 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार द्वारा 3 मामलों का निस्तारण करते हुए 2,16,757 रुपये याचियों को दिलवाए गए। स्थायी लोक अदालत (पीयूएस) के अध्यक्ष श्री राजवर्धन गुप्ता द्वारा भी 3 मामलों में पक्षकारों के बीच सुलह कराई गई।
विशेष न्यायालयों में भी व्यापक निस्तारण हुआ। विद्युत अधिनियम के तहत विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) श्री भारतेन्द्र सिंह द्वारा 536 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे द्वारा 2901 आपराधिक मामलों का निस्तारण किया गया।
इसके अतिरिक्त दीवानी, फौजदारी, राजस्व एवं प्री-लिटिगेशन स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा भी हजारों मामलों का समाधान किया गया। विभिन्न बैंकों के 691 ऋण मामलों में समझौता कराया गया। जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट, उप जिला मजिस्ट्रेट एवं तहसील न्यायालयों द्वारा 2,25,429 प्री-लिटिगेशन मामलों सहित कुल 2,887 राजस्व व फौजदारी प्रकरण निस्तारित किए गए।
इस प्रकार न्यायालयों एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,34,166 मामलों का निस्तारण कर न्याय को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।




