उरई कोतवाली क्षेत्र के तुफैलपुरवा इलाके में रविवार देर रात दबंगों द्वारा की गई अंधाधुंध फायरिंग से क्षेत्र में दहशत फैल गई। धर्मशाला के पास बैठे दो युवकों पर अचानक फायरिंग की गई, जिसमें एक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि दूसरा बाल-बाल बच गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे मेडिकल कॉलेज उरई पहुंचाया गया, जहां हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और पीड़ित की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
इंद्रानगर निवासी कृष पुत्र रामसहोदर ने पुलिस को बताया कि रात करीब 8:20 बजे वह अपने दोस्त अनुज कोरी के साथ धर्मशाला तुफैलपुरवा के पास बैठा था। उसी दौरान सत्तू उर्फ सतेंद्र निवासी बम्हौरी कला, अपने साथियों विक्रम राजपूत निवासी घरगुवां, गोलू राजपूत निवासी जोरा खेड़ा और गौरव निवासी घरगुवां के साथ मोटरसाइकिलों से वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने कुछ दूरी पर खड़े अंशुल निवासी धमनी को गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
जब अंशुल ने विरोध किया तो सत्तू और गोलू ने उस पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। अंशुल नीचे झुक गया, जिससे वह बच गया। उसके शोर मचाने पर अनुज कोरी उसकी मदद के लिए दौड़ा, तभी सत्तू ने उस पर तमंचा तानकर सीधे सीने में गोली मार दी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। आरोपी फायरिंग करते हुए वहां से फरार हो गए।
घटना के बाद लोगों ने घायल को तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे गंभीर हालत में कानपुर रेफर कर दिया। कृष ने बताया कि उसने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी है और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने सत्तू उर्फ सतेंद्र, गोलू राजपूत, विक्रम राजपूत और गौरव के खिलाफ बीएनएस की धारा 109, 352, 115(2) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।




