13 साल पहले जालौन में दहेज की खातिर एक युवक ने अपनी पत्नी की बेरहमी से जलाकर हत्या कर दी थी, इस मामले में स्पेशल न्यायालय ईसी एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश ने आरोप साबित होने पर पति को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई है, साथ ही न्यायालय ने 70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
मामला कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लमसर का था। यहां 3 दिसंबर 2011 को योगेन्द्र की पत्नी की जलकर मौत हो गई थी। इस मामले में कानपुर जनपद के गौरी गांव के रहने वाले गंगा सिंह ने कालपी पुलिस को शिकायती पत्र देते हुए बताया था कि उसने अपनी पुत्री की शादी कालपी कोतवाली क्षेत्र के लमसर गांव के रहने वाले योगेंद्र सिंह के साथ की थी, जिसमें लड़की के पिता ने आरोप था, कि शादी के बाद से पुत्री के पति योगेंद्र सिंह, उसकी सास सोमवती, ससुर कैलाश, ननद आशा, और पति योगेंद्र का मामा रामकरन निवासी पुरैनी थाना भोगनीपुर कानपुर देहात दहेज में मोटरसाइकिल व दो लाख रुपए की मांग करके बेटी प्रताड़ित करते थे और जब मांग पूरी नहीं हुई तो सभी ने पुत्री के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर बेरहमी से जलाकर हत्या करा दी।
इस मामले की पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ता संजीव गुर्जर ने बताया कि पुलिस ने पति सहित चार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें सीओ द्वारा जांच में सिर्फ पति पर ही हत्या करने के साक्ष्य मिलने जिसके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए गए और सास, ससुर, ननद और लड़के के मामा को बाहर निकाल दिया, जिसके बाद स्पेशल न्यायालय ईसी एक्ट कोर्ट में चले ट्रायल के बाद मंगलवार को दोनो पक्षों के अधिवक्ताओं की ओर से बाहर की गई, जहां गवाहों के बयानों में आधार पर स्पेशल न्यायालय ईसी एक्ट के न्यायाधीश एडीजे डॉ अवनीश कुमार ने पति योगेंद्र को साक्ष्य और गवाहों के आधार पर दोषी मानते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 70 हजार रुपये जुर्माना लगाया, सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी के खिलाफ वारंट जारी कर जेल भेज दिया।




