जालौन में बुधवार की रात उरई कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की हिस्ट्रीशीटर अपराधियों से मुठभेड़ हो गई। करमेर रोड स्थित ओवरब्रिज के नीचे हुई इस मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी सत्येंद्र उर्फ सत्तू निवासी बम्होरी कला और गोलू राजपूत निवासी जोरा खेड़ा के पैर में पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लग गई। दोनों को हिरासत में लेकर घायलावस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बता दे कि 30 नवंबर को उरई कोतवाली क्षेत्र के तुफैलपुरवा क्षेत्र में मामूली विवाद के बाद हिस्ट्रीशीटर सतेंद्र और गोलू ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर उरई निवासी अंशुल और अनुज पर अचानक फायरिंग कर दी थी। इस हमले में अनुज के सीने में गोली लगी थी, जबकि अंशुल बाल-बाल बच गया था। इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर पर सतेंद्र, गोलू, विक्रम और गौरव के खिलाफ उरई कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। सतेंद्र उर्फ सत्तू के खिलाफ आटा थाने में पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए उरई कोतवाली पुलिस और एसओजी लगातार दबिश दे रही थी। इसी दौरान बुधवार की रात सूचना मिली कि दोनों आरोपी किसी बड़ी वारदात की फिराक में क्षेत्र में घूम रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने करमेर रोड पर नाकाबंदी कर दी। करीब 10 बजे के आसपास जब पुलिस ने बाइक पर आते सतेंद्र और गोलू को रोकने का प्रयास किया, तो दोनों ने तेजी से बाइक भगा दी। थोड़ी दूर जाकर उनकी बाइक फिसल गई और दोनों जमीन पर गिर पड़े।
पुलिस को पास आता देख दोनों ने तमंचों से फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में फायर किया, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने उन्हें तुरंत काबू में लेकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
मुठभेड़ की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया।
एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने कहा कि जनपद में किसी भी अपराधी को पनपने नहीं दिया जाएगा। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
करमेर रोड पर हुई इस मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस दोनों अपराधियों के अन्य साथियों की तलाश में दबिश दे रही है।




