जालौन के कोंच-एट मार्ग पर ग्राम सतोह के पास से निकली नून नदी पर बना अस्थाई पुल मूसलाधार बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण बह गया था, जिस कारण कोंच-एट मार्ग का संपर्क टूट गया था।
इस मार्ग के बंद होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, इतना ही नहीं लोग इस क्षतिग्रस्त पुल से बाईकों को जान जोखिम में डालकर निकाल रहे थे, जिसको लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ रविवार को इस क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण किया, साथ ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस पुल का निर्माण कराया जाए, जिससे एट-कोंच मार्ग पर फिर से आवागमन शुरू हो सके, साथ ही डीएम ने इस नून नदी पर छोटे-छोटे चेक डैम बनाने के निर्देश दिए, जिससे जल संरक्षण हो सके।
बता दे कि कोंच तहसील के कोंच एट मार्ग पर ग्राम सतोह के पास से निकली नून नदी के क्षतिग्रस्त हुए पुल की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसका संज्ञान लेने के बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ मिलकर रविवार को इसका स्थलीय निरीक्षण किया, साथ ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों और इंजीनियर को निर्देश दिए कि इस क्षतिग्रस्त नून नदी के पुल को जल्द से जल्द बनवाया जाए, जिससे इस मार्ग पर आवागमन फिर से शुरू हो सके और लोगों को यात्रा करने में सुगमता मिल सके।
वही इस क्षतिग्रस्त पुल के निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी ने नून नदी के जल को संरक्षित करने के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए है। उन्होंने कहा निर्देश देते हुए कहा कि नून नदी से निकले हुए छोटे-छोटे नाले क्षतिग्रस्त हो गए है, जिस कारण किसानों के खेतों में पानी भर रहा है, उनका सर्वे सही तरह से करवा लिया जाए, जिससे जल संरक्षण में मदद हो सके और नून नदी का पानी संरक्षित रहे, वहीं उन्होंने कहा कि तीन-तीन किलोमीटर पर छोटे-छोटे चेक डैम बनाए जाएं जिससे जल संरक्षण को मदद मिल सके और किसानों की फसल को नया जीवन मिल सके, जिससे उन्हें समय समय पर सिंचाई के लिए पानी मिल सके।
वहीं जिलाधिकारी ने पुल के निर्माण को लेकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुल निर्माण का काम को समय के भीतर करा लिया जाए, साथ ही गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए यदि गुणवत्ता विहीन पुल का निर्माण मिलता है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





