जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में करीब नौ वर्ष बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को कठोर दंड दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी हाकिम सिंह को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 18 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
शासकीय अधिवक्ता रनकेंद्र सिंह भदोरिया के अनुसार, रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी का 30 जून 2017 को उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब उसके माता-पिता मनरेगा के तहत मजदूरी करने गए हुए थे। घर लौटने पर उन्हें बेटी नहीं मिली। काफी तलाश के बाद ग्रामीणों ने बताया कि उरई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरहा निवासी हाकिम सिंह उसे अपने साथ ले गया है।
बताया गया कि घटना के आठ दिन बाद, 8 जुलाई 2017 को आरोपी किशोरी को ऊमरी चौराहे पर छोड़कर फरार हो गया। घर पहुंचने पर किशोरी ने अपने पिता को अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता के पिता ने रामपुरा थाने में हाकिम सिंह और उसके भाई कल्लू के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।
जांच के दौरान पीड़िता के न्यायालय में कलमबंद बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसने आरोपी द्वारा दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि की। विवेचना के दौरान पुलिस को आरोपी के भाई कल्लू के विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले, जिसके चलते उसका नाम विवेचना से हटा दिया गया। वहीं मुख्य आरोपी हाकिम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और 11 जनवरी 2018 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने आरोपी हाकिम सिंह को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 18 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।






