Thursday, February 5, 2026
spot_img

झांसी में दिल दहला देने वाला कबूलनामा: 32 साल छोटी प्रेमिका की हत्या, लाश के टुकड़े कर जलाए, 7 दिन तक मिटाता रहा सबूत

spot_img

उत्तर प्रदेश के झांसी में हुए जघन्य हत्याकांड ने न सिर्फ रिश्तों की जटिलता, बल्कि अपराध की क्रूर मानसिकता को भी उजागर कर दिया। 64 वर्षीय रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह परिहार उर्फ बृजभान ने अपनी 32 साल छोटी प्रेमिका प्रीति (32) की निर्मम हत्या कर दी थी, हत्या के बाद आरोपी दो दिन तक शव के साथ रहा, फिर कुल्हाड़ी से शव के टुकड़े किए और सात दिनों तक एक-एक कर जलाता रहा। अंततः 17 जनवरी की रात जब वह जली हुई राख और हड्डियों को ठिकाने लगाने निकला, तब एक छोटी-सी चूक ने पूरे राज से पर्दा उठा दिया।

कबूलनामा जिसने सबको सन्न कर दिया

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने जो कबूलनामा किया, वह किसी को भी झकझोर देने वाला है।

आरोपी के शब्दों में,

“मेरी पहले से दो पत्नियां हैं। प्रीति मेरे लिए तीसरी पत्नी जैसी थी। मैं उससे बहुत प्यार करता था, लेकिन वह किसी और लड़के से बात करने लगी थी। मुझसे लगातार पैसे मांगती थी और न देने पर धमकाती थी। तंग आकर मैंने उसकी हत्या का प्लान बनाया।”

आरोपी ब्रजभान

हत्या की तैयारी: किराए का मकान और सुनियोजित साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, बृजभान ने करीब 20 दिन पहले झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित ब्रह्मनगर में पहाड़ी इलाके में एक मकान किराए पर लिया था। वह आमतौर पर शाम के समय ही वहां आता-जाता था। पड़ोसियों के मुताबिक, वह अक्सर महिलाओं को भी साथ लाता था, जिनके चेहरे ढंके रहते थे। यही मकान आगे चलकर हत्या और सबूत मिटाने का अड्डा बना।

आरोपी ब्रजभान ने इसी मकान को लिया था किराए पर

8 जनवरी: कुल्हाड़ी से हत्या

8 जनवरी की शाम बृजभान प्रीति को उसी किराए के मकान में लेकर पहुंचा। किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान आरोपी ने कुल्हाड़ी से प्रीति के सिर पर वार कर दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी ने कमरे के फर्श पर फैले खून को साफ किया और अगले दो दिन तक उसी कमरे में शव के साथ रहा। पुलिस के अनुसार, यह तथ्य आरोपी की मानसिक स्थिति और अपराध की भयावहता को दर्शाता है।

बक्शे का स्टैंड

शव ठिकाने लगाने की साजिश

जब कमरे से बदबू आने लगी, तब बृजभान ने शव को ठिकाने लगाने का फैसला किया। उसने कुल्हाड़ी से शव के कई टुकड़े किए और उन्हें जलाने की योजना बनाई।

डेढ़ क्विंटल लकड़ियां और मुक्तिधाम की रसीद

10 जनवरी को आरोपी ने सीपरी बाजार स्थित एक मुक्तिधाम से डेढ़ क्विंटल लकड़ियां खरीदीं। हैरानी की बात यह है कि लकड़ियों की खरीद उसके नाम की रसीद पर हुई, जो बाद में पुलिस को मिल गई और जांच में अहम सबूत बन गई है।

घर में रखी लकड़ियां

7 दिन तक आधी रात में जलाता रहा शव

आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह सात दिनों तक आधी रात के बाद शव के टुकड़ों को एक-एक कर जलाता रहा। कड़ाके की ठंड के कारण आसपास के लोग घरों में रहते थे, जिससे उसे कोई रोक-टोक नहीं हुई।

पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने बृजभान को कई दिनों तक लकड़ियां लाते देखा, लेकिन ठंड के मौसम के कारण किसी को शक नहीं हुआ। कुछ लोगों ने तो यह भी बताया कि पूछने पर वह कहता था कि “चूहा जलाकर खाना बनाते हैं।”

बक्शे में रखे लाश के जले हुए अवशेष

लोहे का बक्सा और बेटे की भूमिका

शव के टुकड़े जलाने के बाद बृजभान ने जले हुए अवशेष और राख को छिपाने के लिए एक बड़े लोहे के बक्से का इंतजाम किया। उसने यह बक्सा अपने बेटे नितिन से मंगवाया। नितिन ने चित्रा चौराहे के पास से बक्सा खरीदा और उसे पिता के बताए पते पर पहुंचा दिया। हालांकि, आरोपी ने बेटे से हत्या की सच्चाई छिपाए रखी। बक्सा पहुंचते ही उसने बेटे को बाहर से ही लौटा दिया।

17 जनवरी की रात: एक गलती और खुल गया राज

17 जनवरी की देर रात बृजभान ने बक्से को ठिकाने लगाने के लिए लोडिंग वाहन बुक किया। जैसे ही वाहन चला, बक्से से बदबू और पानी टपकने लगा। ड्राइवर को शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बक्सा खुलवाया। अंदर राख के साथ 2 से 3 इंच के अधजले हड्डियों के टुकड़े मिले। इसके बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई।

जले हुए शेष अवशेष

20 घंटे तक पुलिस को चकमा

घटना सामने आने के बाद पुलिस ने कई टीमें गठित कीं। आरोपी करीब 20 घंटे तक पुलिस को चकमा देता रहा। उसने मोबाइल बंद कर लिया था और रिश्तेदारों के यहां छिपता फिर रहा था।

हालांकि, वारदात के कुछ घंटों बाद उसने पुलिस की लोकेशन जानने के लिए जैसे ही किसी परिचित को फोन किया, मोबाइल ऑन होते ही वह पुलिस के रडार पर आ गया। कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

तीन शादियां और प्रेम संबंधों का जाल

आरोपी बृजभान परिहार मूल रूप से नंदनपुरा का रहने वाला है और रेलवे में नौकरी कर चुका है। करीब 40 साल पहले उसकी पहली शादी गीता परिहार से हुई थी। इस शादी से एक बेटा और दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। शादी के 15 साल बाद उसकी मुलाकात गीता रायकवार से हुई, जो बाद में दूसरी पत्नी बनी। दूसरी शादी के बाद वह पहली पत्नी से अलग हो गया। करीब 10 साल पहले उसकी मुलाकात प्रीति से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गए।

मृतिका प्रीति (फाइल फोटो)

पैसों को लेकर बढ़ता विवाद

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि प्रीति पैसों को लेकर उस पर दबाव बनाती थी। उसने अपनी पेंशन से करीब 20 लाख रुपये पहले ही उसे दे दिए थे। रिटायरमेंट के बाद आमदनी कम होने से विवाद बढ़ता चला गया। आरोपी को शक था कि प्रीति किसी और युवक से भी संपर्क में है। यही शक और आर्थिक तनाव इस खौफनाक हत्या की वजह बना। पड़ोसियों और परिजनों ने बताया कि बृजभान हाल ही में किराए पर रहने आया था और ज्यादा घुलता-मिलता नहीं था।

जानकारी देते पड़ोसी

वहीं, परिजनों के अनुसार आरोपी का पारिवारिक जीवन पहले से ही बिखरा हुआ था। बहुओं ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी रिश्तेदारी में छिपा था और उसी दौरान पुलिस को सूचना देकर उसे पकड़वाया गया।

पोस्टमॉर्टम और पुलिस कार्रवाई

रविवार को पुलिस ने जले हुए अवशेषों का पंचनामा भरकर दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया। वीडियोग्राफी भी की गई। हड्डियों के टुकड़ों को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में राम सिंह परिहार उर्फ बृजभान, उसकी दूसरी पत्नी गीता और बेटे नितिन को गिरफ्तार किया है।

जानकारी देती एसपी सिटी प्रीति सिंह

एसपी सिटी प्रीति सिंह के मुताबिक, मामले की गहन जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

 

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles

- Advertisement -spot_img
error: Content is protected !!