उत्तर प्रदेश के झांसी से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी ने अपनी 32 साल छोटी प्रेमिका की निर्मम हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने हत्या के बाद शव के कई टुकड़े किए और सबूत मिटाने के लिए सात दिनों तक रोज एक-एक अंग को जलाता रहा। अंत में अधजले अंगों, हड्डियों और राख को एक नीले लोहे के बॉक्स में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की, लेकिन बदबू ने पूरे मामले से पर्दा हटा दिया।
नीले बॉक्स से उठी बदबू ने खोल दिया राज
घटना शनिवार देर रात की है। 64 वर्षीय आरोपी राम सिंह परिहार उर्फ बृजभान अधजले मानव अंगों से भरा नीला बॉक्स एक लोडर ऑटो में रखवाकर झांसी के सैंयर गेट स्थित फूटा चौपड़ा मोहल्ले में पहुंचा, जहां उसकी दूसरी पत्नी रहती है। बॉक्स से तेज बदबू आ रही थी और उसमें से पानी टपक रहा था। इससे लोडर चालक और मोहल्ले के लोगों को शक हुआ।

रात करीब 2 बजे पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। जब पुलिस ने बॉक्स को खोला तो अंदर का दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया। बॉक्स में अधजले मानव अंग, हड्डियां और राख भरी हुई थी।
मृतका की पहचान प्रीति के रूप में हुई
पुलिस जांच में मृतका की पहचान प्रीति (32 वर्ष) के रूप में हुई। वह झांसी के सीपरी बाजार क्षेत्र की रहने वाली थी और आरोपी राम सिंह के साथ ब्रह्मनगर इलाके में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।
प्रीति पहले से शादीशुदा थी और उसके तीन बच्चे भी हैं, लेकिन वह अपने पति और बच्चों को छोड़कर राम सिंह के साथ रहने लगी थी। आरोपी ने उसे बिना शादी के अपनी “तीसरी पत्नी” के रूप में रख रखा था।
दो शादियां पहले से, तीसरी के साथ लिव-इन
पुलिस के अनुसार, राम सिंह परिहार नंदनपुरा क्षेत्र का निवासी है और रेलवे विभाग से रिटायर हो चुका है। उसने पहले दो शादियां कर रखी थीं। करीब छह साल पहले उसकी ड्यूटी एक रेलवे अधिकारी के बंगले पर थी। उसी दौरान पास के बंगले में काम करने आने वाली प्रीति से उसकी मुलाकात हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई।

पैसों की मांग बनी हत्या की वजह
बताया जा रहा है कि प्रीति लगातार आरोपी से पैसों की मांग कर रही थी। शुरुआत में राम सिंह उसकी मांगें पूरी करता रहा, लेकिन समय के साथ डिमांड बढ़ती चली गई। इसी बात से परेशान होकर आरोपी ने प्रीति को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
20 दिन पहले किराए पर लिया गया था हत्या का ठिकाना
पुलिस जांच में सामने आया है कि ब्रह्मनगर के पहाड़ी इलाके में आरोपी के एक रिश्तेदार का मकान है, जिसे राम सिंह ने करीब 20 दिन पहले किराए पर लिया था। इसी मकान में वह प्रीति को लेकर गया और करीब सात दिन पहले उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद उसने शव के कई टुकड़े किए और उन्हें तिरपाल में लपेटकर रख दिया। इसके बाद रोजाना एक-एक अंग को जलाता रहा ताकि किसी को भनक न लगे और बदबू घर के बाहर न जाए।

शव ठिकाने लगाने के लिए खरीदा लोहे का बॉक्स
जब सारे अंग जल चुके, तो आरोपी ने सबूत खत्म करने के लिए एक बड़ा लोहे का बॉक्स खरीदा। उसमें अधजले अंग, राख और कोयला भर दिया। शनिवार रात उसने 400 रुपए में एक लोडर ऑटो बुक किया और बॉक्स को दूसरी पत्नी के घर ले जाने की योजना बनाई।
ऑटो चालक की सतर्कता से खुला मामला
लोडर चालक जय सिंह पाल ने बताया कि राम सिंह उसके मोहल्ले का ही रहने वाला है। उसने 400 रुपए देकर लोडिंग बुक की थी। बॉक्स को देखकर शक हुआ तो पूछा गया, लेकिन आरोपी ने उसे घर का सामान बताया। बॉक्स से बदबू और पानी टपकने पर चालक और लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
बेटे समेत तीन लोग हिरासत में
पुलिस ने मौके से आरोपी की दूसरी पत्नी गीता रायकवार और उसके बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। देर शाम मुख्य आरोपी राम सिंह परिहार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि “मुख्य आरोपी राम सिंह परिहार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मृतका प्रीति आरोपी के साथ पिछले करीब 10 वर्षों से संबंध में थी। मामले में अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।”
इलाके में दहशत, लोगों में आक्रोश
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग आरोपी के चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं और कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस अब फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर केस को मजबूत करने में जुटी है।




