जालौन जिले में बढ़ती ठंड के मद्देनजर प्रशासन सक्रिय हो गया है। बुधवार देर शाम जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने कोंच एसडीएम ज्योति सिंह के साथ नगर के हाटा स्थित शेल्टर होम का निरीक्षण किया। उन्होंने आश्रय स्थलों में जरूरतमंदों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कड़ाके की ठंड में किसी भी व्यक्ति के खुले में न रहने पर जोर दिया। उन्होंने शेल्टर होम में साफ चादरें, पर्याप्त कंबल, स्वच्छ शौचालय और उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने आश्रय स्थलों में आने-जाने वाले लोगों की एंट्री दर्ज करने को भी कहा, ताकि उनका रिकॉर्ड रखा जा सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और आश्रय लेने वाले लोगों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में जगह-जगह अलाव जलवाने के निर्देश भी दिए, जिससे बेघर और राहगीर ठंड से राहत पा सकें। शीतलहर की स्थिति को देखते हुए, उन्होंने अधिशासी अधिकारी कोंच मोनिका उमराव को कोंच नगर में तीन माह के लिए अस्थायी शेल्टर होम तैयार करने का आदेश दिया।
डीएम ने सुझाव दिया कि यह अस्थायी रेन बसेरा बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के मध्य बनाया जाए, ताकि लोगों को वहां तक पहुंचने में आसानी हो और सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शेल्टर होम में अलाव, साफ-सफाई, पेयजल सुविधा के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे भी अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। इससे निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और किसी भी समस्या को तुरंत पहचाना जा सकेगा।
बाद में, जिलाधिकारी ने कान्हा गौशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंशों की स्थिति का जायजा लिया और स्वयं हाथों से गुड़ खिलाकर उनकी देखभाल पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने गौशाला प्रबंधन को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान कोंच नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, क्षेत्राधिकारी कोंच परमेश्वर प्रसाद, अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव, लिपिक राजा गुप्ता, कोंच कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह और कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।




