जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में छह वर्षीय मासूम के साथ हुए कुकर्म के सनसनीखेज मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी धर्मेंद्र जोशी को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 50,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। यह फैसला न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत पुख्ता साक्ष्यों, वैज्ञानिक रिपोर्ट और गवाहों की विश्वसनीय गवाही के आधार पर सुनाया।
शासन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) रणकेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि मामला 24 फरवरी 2021 का है। कोंच के एक मोहल्ला निवासी पीड़ित के पिता ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि शाम करीब साढ़े छह बजे उनके 6 वर्षीय पुत्र को पड़ोस में रहने वाला धर्मेंद्र जोशी बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। थोड़ी देर बाद बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिजन उसे खोजते हुए आरोपी के घर पहुंचे, जहां मासूम लहूलुहान और डरा-सहमा हुआ मिला। घर ले जाने पर बच्चे ने अपने पिता को पूरी घटना बताई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उसी दिन आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 377 समेत पॉक्सो एक्ट की संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। विवेचना अधिकारी ने मौके का निरीक्षण, पीड़ित बालक के बयान, गवाहों के बयान और वैज्ञानिक पद्धति से साक्ष्य जुटाते हुए 6 सितंबर 2021 को चार्जशीट दाखिल की थी।
मामला अपर जिला जज/स्पेशल जज पॉक्सो मोहम्मद कमर की अदालत में विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बच्चें के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य पेश किए, जिन्हें अदालत ने विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि मासूम बच्चों के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराध समाज में अस्वीकार्य हैं और दोषी को कठोर दंड मिलना आवश्यक है।




