जालौन जनपद में सोमवार को एक युवक के साथ हुई संदिग्ध घटना ने बस संचालन और यात्री सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम उसरगांव निवासी 38 वर्षीय साहिल सोमवार सुबह जयपुर से उरई में कोर्ट की तारीख पर आने के लिए शताब्दी बस में सवार हुआ था। सफर के दौरान किसी अज्ञात यात्री ने उसे नशीला पदार्थ खिला दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गया।
युवक के मुताबिक, सुबह बस उरई पहुंची थी, मगर वह उस समय पूरी तरह बेसुध पड़ा था। आरोप है कि बस चालक और संचालक ने उसकी स्थिति को नजरअंदाज करते हुए उसे उरई में उतारने के बजाय कोंच बस स्टैंड के पास सड़क किनारे छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।
घटना के समय वहां से गुजर रहे राहगीरों ने साहिल को बेहोशी की हालत में देखा। उसकी गंभीर स्थिति देख उन्होंने तुरंत उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की देखरेख में कुछ देर बाद साहिल को होश आया तो उसने अपने परिजनों और वकील को फोन कर घटना की जानकारी दी।
साहिल ने बताया कि वह जयपुर में पानी पुरी का व्यवसाय करता है और उरई कोर्ट में चल रहे मुकदमे में पेशी देने आ रहा था। सफर के दौरान बस में बैठे एक अज्ञात व्यक्ति ने खाने-पीने की चीजें देते समय उसे कुछ नशीला पदार्थ मिला दिया, जिसके बाद उसे कुछ भी याद नहीं रहा।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बस संचालकों की कार्यशैली और लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी भी यात्री की हालत खराब होने पर उसे अस्पताल पहुंचाना प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन इसके विपरीत युवक को असहाय स्थिति में सड़क पर छोड़ दिया गया।
सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और पीड़ित से घटना का विवरण दर्ज किया। फिलहाल पुलिस बस संचालक, चालक और संदिग्ध यात्री की तलाश में जुटी है। मामले की जांच जारी है।




