नवरात्र और दशहरा जैसे बड़े त्योहारों को देखते हुए जनपद जालौन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग की टीम ने सोमवार को जिले के कई प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण कर खाद्य सामग्री के नमूने संगृहीत किए। उद्देश्य है कि त्योहारों के दौरान आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ तथा जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभिहित अधिकारी डॉ. जतिन कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने नगर पालिका उरई के जवाहर गंज स्थित पवन कुमार के प्रतिष्ठान से पापड़ का नमूना लिया। इसी क्रम में सुशील टिकरिया के प्रतिष्ठान से सिंघाड़े का आटा और साबूदाना तथा तहसील कालपी के आटा कस्बे में मनोज कुमार गुप्ता के प्रतिष्ठान से घी का नमूना संग्रहित कर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया।
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी भी नमूने में मिलावट पाई जाती है तो दोषी विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। त्योहारों के दौरान जिलेभर के बाजारों में यह अभियान लगातार जारी रहेगा और उपभोक्ताओं को मिलावटी व असुरक्षित खाद्य सामग्री बेचने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने न सिर्फ निरीक्षण और सैंपलिंग पर जोर दिया, बल्कि जागरूकता बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए हैं। इसी क्रम में तहसील माधौगढ़ के अंतर्गत रामपुरा नगर पंचायत सभागार में “सुरक्षित आहार, स्वस्थ जीवन का आधार” विषय पर स्ट्रीट फूड वेंडरों को प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में स्वच्छता, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखने और सुरक्षित परोसने के तरीकों की जानकारी दी गई, ताकि उपभोक्ताओं को स्वास्थ्यवर्धक व सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
इस मौके पर सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. जतिन कुमार सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कन्हैया लाल यादव, सुनील कुमार, महेश प्रसाद तथा अनिल कुमार शंखवार मौजूद रहे। विभाग का कहना है कि अभियान का मकसद लोगों को त्योहारी सीजन में शुद्ध और सुरक्षित आहार उपलब्ध कराना है, जिससे त्योहारों की खुशियां स्वास्थ्य जोखिम में न बदलें।




