Wednesday, August 26, 2026

उरई में अपनी रसोई के दो वर्ष पूरे, जिला पंचायत अध्यक्ष अनुरागी करा रहे प्रतिदिन 1000 लोगों को निशुल्क भोजन

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जालौन के उरई मुख्यालय में पिछले दो वर्षों से निराश्रित और गरीब और बाहर से आने वाले लोगों को भूखा पेट नहीं रहना पड़ रहा है। जिसके लिए जालौन के जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी द्वारा विशेष पहल शुरू की गई थी, आज अपनी रसोई के 2 वर्ष पूरे होने पर मंशापूर्ण हनुमान मंदिर के पास विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी के साथ-साथ जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय पुलिस अधीक्षक डॉक्टर ईरज राजा ने गरीब-निराश्रित लोगों को अपने हाथों से खुद खाना परोसा और खिलाया, इस रसोई में प्रतिदिन 1000 लोगों को निशुल्क भोजन कराया जा रहा।

बता दे बड़े-बड़े शहरों में समाजसेवी संस्थाओं द्वारा गरीब और बेसराहा लोगों को भोजन की व्यवस्था कराई जाती है, जिससे गरीब और निराश्रित लोगों को भूखा पेट न रहना पड़े। जालौन में इस तरह की कोई भी व्यवस्था नहीं थी, इसी को ध्यान में रखते हुए जालौन के प्रथम नागरिक जिला पंचायत अध्यक्ष पूर्व सांसद डॉक्टर घनश्याम अनुरागी द्वारा 2 वर्ष पहले अपनी रसोई की शुरुआत की गई थी, जिससे गरीब बेसहारा, निराश्रित और उन व्यक्तियों को भोजन कराया जा सके जी पैसे की कमी के कारण दो वक्त का खाना नहीं खा पाते थे।

जिला पंचायत अध्यक्ष पूर्व सांसद डॉक्टर घनश्याम अनुरागी द्वारा जैसे ही इस पहल की शुरुआत की गई, इसमें समाजसेवी के साथ, अन्य लोगों ने जुड़ना शुरू कर दिया। आज अपनी रसोई के 2 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गरीब निराश्रित बेसहारा और उन लोगों को भोजन कराया गया जो पैसे की कमी के कारण भूखे रह जाते थे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय, पुलिस अधीक्षक डॉक्टर ईरज राजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एन शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित सहित सैकड़ो जनप्रतिनिधियों ने पहुंच कर गरीब, निराश्रित और बेसहारा लोगों को भोजन अपने हाथों से परोसकर खिलाया, साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष की इस पहल की सराहना की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर घनश्याम अनुरागी ने कहा कि आज अपनी रसोई के दो वर्ष पूरे हो गए है। उन्होंने कहा कि उरई मुख्यालय में कई लोग अपने कामों से आते थे, पैसा खर्च होने पर वह भूखे पेट ही घर लौट जाते थे, उनकी इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, इस योजना को शुरू किया है, आज अपनी रसोई प्रतिदिन 1000 से अधिक लोगों को मुफ्त भोजन करा रही है, किसी भी व्यक्ति से कोई पैसा नहीं लिया जाता है, कुछ लोग जो मुफ्त में भोजन नहीं करना चाहते हैं, तो उनके लिए सिर्फ 5 रुपए फीस रखी गई है। उन्हें दाल, रोटी, चावल, सब्जी खिलाई जाती है, इसके अलावा एक दिन स्पेशल भोजन भी कराया जाता है, सुबह 11 से 2:30 बजे तक इसके अलावा शाम को 4 से रात 8 बजे तक नि:शुल्क भोजन कराया जाता है।

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